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दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI सोमवार को 200 के पार पहुंच गया। यह स्तर ‘खराब’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए चेतावनी संकेत देता है। हालांकि GRAP-1 प्रतिबंध फिलहाल लागू नहीं किए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कहा कि AQI में अस्थायी सुधार और मौसम के अनुकूल बदलाव के कारण तत्काल प्रतिबंध की जरूरत नहीं मानी गई।
स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे वाहन कम उपयोग करें और खुले में जला कर धुआं फैलाने वाले कार्यों से बचें। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर अस्थायी है और आने वाले दिनों में हवा और बारिश की वजह से प्रदूषण में गिरावट आ सकती है।
CAQM ने GRAP-1 लागू न करने का कारण बताया
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने स्पष्ट किया कि GRAP-1 प्रतिबंध लागू न करने का कारण मौसम की स्थिति और सुधार की उम्मीद है। सोमवार को हवा की गुणवत्ता बेहतर होने के कारण पहले से लागू पाबंदियों को हटा दिया गया था। आयोग ने GRAP उप-समिति की बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के साथ स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में यह फैसला लिया गया कि यदि हवा की गुणवत्ता में और गिरावट आती है, तब ही GRAP-1 प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। CAQM ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में प्रदूषण के मुख्य स्रोतों पर नियंत्रण रखा जा रहा है, जिससे तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
मौसम और प्रदूषण पर विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना है। इससे हवा में प्रदूषण का स्तर घट सकता है। मौसम विज्ञानियों ने चेताया कि प्रदूषण स्तर में अचानक बदलाव हो सकता है, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय अपनाने की जरूरत है।
साथ ही विशेषज्ञों ने कहा कि GRAP-1 का उद्देश्य सिर्फ प्रदूषण कम करना ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। हालांकि मौजूदा स्थिति में मौसम अनुकूल है, जिससे प्रतिबंध फिलहाल लागू नहीं हुए हैं।
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान की समीक्षा बैठक
CAQM ने GRAP उप-समिति की बैठक में दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता की समीक्षा की। इसमें वायु प्रदूषण के स्रोतों, हवा की गति, मौसम और AQI के आंकड़ों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में यह तय किया गया कि GRAP-1 का निर्णय पूरी तरह डेटा और मौसम की स्थिति पर आधारित होगा।
बैठक में विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि यदि अगले दो-तीन दिनों में हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं आता है, तब तुरंत GRAP-1 पाबंदियां लागू की जाएंगी। प्रशासन ने कहा कि सभी नागरिकों को प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग करना होगा।
जनता के लिए चेतावनी और सुझाव
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। खुले में जलने वाली चीजों को नियंत्रित करें और मास्क पहनें। स्कूलों और अस्पतालों में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए उपाय किए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी बदलाव और हवा की दिशा के हिसाब से AQI कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहना जरूरी है। CAQM ने चेताया कि यदि हवा की गुणवत्ता और खराब होती है तो GRAP-1 प्रतिबंध तुरंत लागू किया जाएगा।
निगरानी और भविष्य की रणनीति
दिल्ली और एनसीआर में वायु गुणवत्ता की लगातार निगरानी जारी है। प्रशासन और CAQM ने मिलकर AQI पर नजर रखी है और नागरिकों को समय-समय पर अपडेट देने का वादा किया है। भविष्य में हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए GRAP के अन्य स्तरों पर भी प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं।
इसके अलावा, CAQM ने कहा कि आने वाले मौसम और प्रदूषण नियंत्रण उपायों को देखते हुए, नागरिकों और उद्योगों को सहयोग करना होगा। इससे AQI को नियंत्रित किया जा सकेगा और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव कम होगा।
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