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50 साल का गौरव और भविष्य की तैयारी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास के समुद्री इंजीनियरिंग विभाग ने 50 साल पूरे कर लिए हैं। विभाग के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि ने बताया कि यह अवधि तकनीकी उन्नति और समुद्री विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार का प्रतीक रही है। अब विभाग का ध्यान समुद्र की लहरों से बिजली बनाने, तटीय सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के असर को कम करने पर केंद्रित है। नए कोर्स और रिसर्च प्रोजेक्ट छात्रों को समुद्री विज्ञान और ग्रीन एनर्जी के आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ेंगे।
AI और ग्रीन एनर्जी पर जोर
प्रो. कामकोटि के अनुसार, विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए पोर्ट और बंदरगाह संचालन में सुधार लाने पर काम कर रहा है। इसके साथ ही लहरों और समुद्र की ऊर्जा से बिजली उत्पादन के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य छात्रों को न सिर्फ इंजीनियरिंग की शिक्षा देना है, बल्कि उन्हें भविष्य के स्मार्ट पोर्ट और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स का अनुभव भी कराना है।
पुडुचेरी और तटीय सुरक्षा के उदाहरण
तटीय क्षेत्रों में समुद्र कटाव की समस्या को ध्यान में रखते हुए पुडुचेरी में आर्टिफिशियल रीफ सिस्टम तैयार किया गया। इससे समुद्र के खतरे से तटीय संरचनाओं को सुरक्षा मिली। इसी तरह विभाग ने केरल के विझिंजम पोर्ट के लिए AI आधारित स्मार्ट पोर्ट प्रबंधन का अध्ययन भी शुरू किया है। इन प्रोजेक्ट्स से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलता है और तटीय विकास के लिए रणनीति बनाने में मदद मिलती है।
विशेष अंडरग्रेजुएट और भविष्य के कोर्स
IIT मद्रास और IIT खड़गपुर, भारत के केवल दो संस्थान हैं जो इस क्षेत्र में स्पेशलाइज्ड अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम पेश करते हैं। इस कोर्स में समुद्री संरचना, तटीय संरक्षण, ग्रीन एनर्जी उत्पादन और AI आधारित पोर्ट मैनेजमेंट जैसे विषय शामिल हैं। विभाग ने छात्रों के लिए रिसर्च प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप के अवसर भी बढ़ाए हैं।
समुद्री विज्ञान में नई संभावनाएं
इस कोर्स के माध्यम से छात्र न सिर्फ तकनीकी दक्षता प्राप्त करेंगे, बल्कि समुद्री ऊर्जा और स्मार्ट पोर्ट के क्षेत्र में भी विशेषज्ञ बनेंगे। प्रोफेसर कामकोटि ने कहा कि भविष्य में AI और ग्रीन एनर्जी के संयोजन से पोर्ट संचालन और तटीय विकास में क्रांति आएगी। छात्रों को इस दिशा में प्रैक्टिकल ज्ञान और नवाचार के अवसर मिलेंगे 50 साल पूरे करने वाला यह विभाग छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। AI और ग्रीन एनर्जी पर फोकस से यह क्षेत्र न सिर्फ पर्यावरण को सुरक्षित रखेगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास में भी योगदान देगा। आने वाले वर्षों में विभाग समुद्री विज्ञान, स्मार्ट पोर्ट और तटीय सुरक्षा के लिए एक मार्गदर्शक बनेगा।
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