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राम मंदिर परिसर में लागू हुए नए नियम
अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और आगामी चैत्र नवरात्रि को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नई सुरक्षा गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों के तहत मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने और दर्शन के दौरान फोटो या वीडियो बनाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना है, इसलिए मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इन नियमों का पालन सभी श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य होगा और प्रवेश द्वारों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
फोटो और वीडियो बनाने पर पूरी तरह रोक
नए नियमों के तहत मंदिर परिसर के भीतर श्रद्धालु अब मोबाइल फोन से फोटो या वीडियो नहीं बना सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि कई बार लोग दर्शन के दौरान मोबाइल से फोटो लेने या वीडियो बनाने में व्यस्त हो जाते हैं, जिससे भीड़ बढ़ जाती है और व्यवस्था प्रभावित होती है। इसी कारण यह निर्णय लिया गया है कि दर्शन के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने कहा है कि श्रद्धालुओं को पहले से ही इन नियमों की जानकारी दी जाएगी ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रवेश से पहले ही सुरक्षा जांच के दौरान मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की जांच की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को किया गया और मजबूत
मंदिर परिसर में सुरक्षा को लेकर पहले से ही कई स्तरों पर व्यवस्था की गई है, लेकिन आगामी त्योहारों को देखते हुए इसे और मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं और निगरानी व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना है ताकि सभी श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।
हथियार लेकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित
नई गाइडलाइंस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का हथियार लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसमें लाइसेंसी रिवॉल्वर, बंदूक या तलवार जैसी वस्तुएं भी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से इन सभी वस्तुओं पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। हालांकि कुछ धार्मिक परंपराओं के तहत मिलने वाले अधिकारों का सम्मान भी किया जाएगा। मंदिर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा नियमों का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि परिसर में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और सभी श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में दर्शन कर सकें।
चैत्र नवरात्रि को लेकर विशेष तैयारी
मंदिर प्रशासन ने बताया है कि आगामी चैत्र नवरात्रि के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसी कारण मंदिर परिसर में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए जाएंगे और दर्शन की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दिनों में लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं, इसलिए हर स्तर पर तैयारी की जा रही है।
व्रत रखने वाले भक्तों के लिए व्यवस्था
चैत्र नवरात्रि के दौरान कई श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे दिन उपवास करते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने उनके लिए भी विशेष व्यवस्था करने की योजना बनाई है। परिसर में ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे व्रत रखने वाले भक्तों को आवश्यक सामग्री आसानी से मिल सके। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं का भी प्रबंध किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे श्रद्धा और शांति के साथ दर्शन कर सकें।
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